
मध्य प्रदेश की लाखों बहनें आजकल एक नई बहस के बीच हैं। सैलाना के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है, जिसमें लाडली बहना योजना की मासिक राशि को 1250 से सीधे 5000 रुपये करने की गुजारिश की गई है। महंगाई की मार झेल रही महिलाओं के लिए ये आवाज जैसे दिल की बात लग रही है।
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1000 से 1500 तक का सफर
ये योजना तो पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का तोहफा थी, जो 2023 में शुरू हुई। शुरू में 1000 रुपये मिलते थे, रक्षाबंधन पर बढ़कर 1250 हो गए। अब नवंबर 2025 से 1500 रुपये की 30वीं किस्त आ चुकी है, और 31वीं दिसंबर में आने वाली है। 1.26 करोड़ बहनों के खाते में हर महीने पैसे पहुंचते हैं, जो घर की छोटी जरूरतें पूरी करते हैं। लेकिन सब्जी का दाम, दूध का भाव देखकर लगता है कि ये राशि अब पुरानी पड़ गई। सरकार ने बजट में 1794 करोड़ अतिरिक्त दिए हैं, जो भविष्य की बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं।
महंगाई के आगे आत्मनिर्भरता
विधायक डोडियार, जो भारतीय आदिवासी पार्टी से हैं, ने पत्र में साफ लिखा कि 1500 रुपये से परिवार कैसे चलेगा। अनाज महंगा, बच्चों की फीस, दवाईयां – सब कुछ आसमान छू रहा है। 5000 रुपये देकर बहनों को सच्ची आजादी मिलेगी, वे खुद पर खड़ी हो सकेंगी। ये सिर्फ नंबरों की बात नहीं, जिंदगी की सच्चाई है। रतलाम-सैलाना की बहनें रोज संघर्ष कर रही हैं, और ये मांग उनकी आवाज बन गई। अगर मानी गई तो घर-घर खुशी का माहौल छा जाएगा।
सरकार का वादा और बहनों का इंतजार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राशि धीरे-धीरे 3000 तक पहुंचेगी। पहले 3000 की बात थी, अब 5000 की मांग ने जोर पकड़ लिया। 31वीं किस्त 10-15 दिसंबर को आ सकती है, cmladlibahna.mp.gov.in पर चेक करें नाम। e-KYC पूरा कर लें, वरना किस्त रुक सकती है। सरकार कारखानों में काम करने वाली बहनों को अलग से 5000 का इंसेंटिव भी दे रही है। ये कदम महिलाओं को मजबूत बनाने की दिशा में हैं।
भविष्य की उम्मीदें
ये योजना ने लाखों जिंदगियां बदली हैं पढ़ाई, शादी, छोटे कारोबार में मदद मिली। लेकिन महंगाई रोकनी नहीं रुक रही, इसलिए 5000 की मांग जायज लगती है। बहनें कह रही हैं, “हमें भरोसा है, सरकार सुनेगी।” अगर हुआ तो ये महिलाओं के सशक्तिकरण का नया अध्याय होगा।

















